क्लासमेट रोली की सेक्स का पाठ पढाया


हे फ्रेंड्स, मेरा नाम रेहान है ओर ये मेरी दूसरी स्टोरी ह ओर मेरी हाइट 5’11″, रंग मिल्की वाइट ओर बॉडी फिज़ीक भी ठीक ठाक है. ये मेरी इस साइट पे पहली स्टोरी है ओर इसमे लड़की है मेरी क्लासमेट रोली जो मेरे साथ मेरे स्कूल में पढ़ती थी| ओहो मैं तो तुम्हे रोली के
बारे मे तो बताना ही भूल गया. उसका रंग एकदम गोरा, बाल घने काले, आवरेज बूब्स ओर बोहट ही लस्टी पिछवाड़ा था| उसकी हाइट 5’9″ है ओर उसकी बेल्ली का तो क्या कहने दोस्तो की बस ऐसी कमर अगर एक बार छूने को मिल जाए तो बस जन्नत ही मिल जाए|

वो मेरी बहुत ही अच्छी फ्रेंड थी ओर हम हमेशा बातें शेयर किया करते थे. लेकिन एक दिन हमारी किसी बात पर लड़ाई हो गयी ओर हमने एक दूसरे से मिलना जुलना बंद कर दिया पर अंदर से हम एक दूसरे को चाहते थे| पहले मैं ये सोचता था की सिर्फ़ मैं ही उसे प्यार भरी नज़र से देखता हू पर मुझे जब पता चला की वो मुझे किस नज़र से देखती है तो मैं तो मैं दंग रह गया .

दोस्तों चलो सीधा मुद्दे पे आते हैं, एक दिन हमारे स्कूल में एक छोटा सा फंकसन था ओर मैं अपने स्कूल का ड्रम मास्टर था, कोइंसिडंट्ली रोली को भी ड्रम बजाने का ओर इंग्लीश गाने गाने का खूब शौंक था. हमारी कोवोर्डिनेटर ने जब हमारे ग्रूप्स डिवाइड किए तो मुझे ओर रोली को एक ही ग्रूप में डाल दिया हालाँकि मैं इस चीज़ के सख़्त खिलाफ था पर कोवोर्डिनेटर ने मेरी एक ना सुनी.

अब रहेरसाल का समय आया ओर मैं ड्रम बजाने लगा हमारे म्यूज़िक हॉल में ओर रोली भी मेरी ताल से ताल मिला कर गाना गा री थी| रोली का इंग्लीश सॉंग सुनकर मैं पहले तो इंग्लीश में गुनगुनाया ओर फिर मैने धीरे से उसे हिन्दी में तब्दील कर दिया| मेरा गाना हिन्दी में सुन कर रोली भी मेरे साथ हिन्दी में गाने लगी| थोड़ी देर बाद जब हमारी रहेरसाल ख़तम हुई तो हमें टीचर ने रेस्ट करने को कहा पर बदक़िस्मती से एक ही बेंच पड़ा था वहाँ ओर वो भी छ्होटा सा.

खैर उसी बेंच पर मैं ओर रोली बैठ गये एक साथ सतक कर ओर दोनो तेज़्ज़ सर्दी होने क कारण हमारे पास एक ब्लंकेट भी था| मैने रोली से कहा की अगर त्ंहे अलग लग रा है मेरे साथ एक ही कंबल में बैठने से या तुम किसी भी तरह से उन कंफर्टबल फील कर रही हो तो मुझे ब्टा दो मैं दूसरी जगह जा कर बैठ जाउन्गा पर उसने कहा की नही मैं बिल्कुल ठीक हू जिसे सुन कर मेरे अंदर एक बिजली सी दौड़ पड़ी क्या बताउ दोस्तों वो zएब्रा टाइट त-शर्ट ओर लेगैंग्स मे क्या लग रही थी..

मेरा तो टेंट लग गया था उसके साथ सतकते ही. फिर उसने मेरी ओर देखा ओर मेरा एक हाथ पकड़ लिया ओर उसे सहलाने लगी तो मैने उसे बड़ी ही विचित्रा नज़रों से देखा तो वो बोली की तुम्हारे हाथ पे तो चोट लगी है ये कैसे लगी मैने कहा बिके से स्लिप हो गया था तो वो ँझे
दाँत लगाना शुरू हो गयइ ओर कहा की त्ंहे शरम नि है कितनी बार समझाया है त्ंहे की बिके धीरे चलाओ पर तुम कभी नि सुनते ये वो…..

मैं उसकी बातें पता नही क्यूँ सुनता रा पर मैं कुछ ना कह सका ओर इतने में उसने मेरा दूसरा हाथ भी सहलाना शुरू कर दिया ओर उसने अपने दोनो हाथों मे मेरा हाथ लेकर कहा की कोई कुछ भी कहे पर मैं तुमसे आज भी प्यार करती हू पर दोस्तो मैं सोच तो ये रा था की पहले ह्यूम एक दूसरे कब था प्यार.

उसका मेरे हाथ को सहलाना मेरी बॉडी में 440वॉट का झटका मार रा था मेरा लंड खड़ा हो गया था ओर पंत मे एक टेंट लग गया था पर जैसे तैसे मैने अपनी फीलिंग्स को कॉंटरोल्ल किया क्यूंकी हमारी म्यूज़िक टीचर ने हूमें रूम खाली करने को बोल दिया था तो ह्यूम व्हन से जाना पड़ा ओर हुँने मूड कर एक दूसरे की तरफ भी नही देखा.

हम ऑलरेडी स्कूल का टाइम ख़तम होने क बाद रहेरसाल कर र्हे थे ओर शाम क 5 गये थे की मैं अपनी क्लासरूम में अपना बाग ओर वॉटर बॉटल उठगने गया तो मैने देखा की रोली क्लास की आखरी बेंच पे हेड डाउन कर क सो र्ही थी ओर क्लास पूरी खाली पड़ी थी मैने सोचा की इसे उतोऊ पर फ्र सोचा की नहीं पहले अपना बाग उठा लू फ्र जाते हुए इसे उठा दूँगा पर जब मैं अपनी सीट पे पोहच् तो मैने देखा की किसी शरारती बाकछे ने मेरी सारी बुक्स मेरे बाग से निकाल कर मेरे बेंच क नीचे ज़मीन पे फैला दी थी. दोस्तों आप ये कहानी अन्तर्वासना-स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

मैं उन बुक्स को कलेक्ट करने मे लगा हुआ था की पेवं ने भार से गाते को टाला लगा दिया ओर मैं भाग कर जब तक डोर तक पोहच् तब तक वो वहाँ से जा चुका था. मैं बहुत ही टेशन में था की एकदम से रोली ने मेरे पेवं को ज़ोर ज़ोर से गालियाँ देने की आवाज़ें सुनी ओर वो भागती हुई मेरे पास आई ओर बोली क्या हुआ तुम क्यू इतने फ्रस्टरेटेड से लग रे हो ओर जब मैने उसे पूरी बात बताई तो वो एकदम शॉक रह गइ ओर धीरे से उसने रोना स्टार्ट कर दिया.

उसकी बाईं आँख से पहली आँसू की धार निकली तो मैने उसे चुप करने क लिए उसके कंधे पे हाथ राका ओर उसे चुप करवाया ओर कहा की हमे समझदारी से काम लेना चाहिए. मैने उसे कहा की मेरे पास्स ब्लंकेट है ओर तुम आराम से रात को सो जाना ओर मैं बिना ब्लंकेट के सो जाऊगा जिस पर वो बोली की त्ंहे सोने की पड़ी है ओर मेरे घरवालो को सारी राअत नेन्न्ड न्ही आएगी तो मैने कहा की कोई बात नही.

मैं तुम्हारी हेल्प करूँगा बताने में कल तो अभी तो हुमारे पास ओर कोई ऑप्षन न्ही है. दोस्तों मैं तो रात होने का इंतेज़ार कर रा था क्यूंकी इतनी ठंड में वो मुझे बिना ब्लंकेट क तो सोने नही देती ओर वो ब जब उसने कुछ देर पहले मुझसे प्यार-ए-इज़हार किया था. ओर अब वो पल आ ही गया जिसका मैं केवल सपना ही देखा करता था वो जैसे ही ब्लंकेट में बैठी तो उसने मुझे भी उसके साथ शेर करने को कहा जिसपर पहले तो मैने इनकार जताया फिर बहुत ही जल्दी मान भी गया शेयर करने को.

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