दूधवाले भैया से चुदवाकर बच्चा पैदा की


हेल्लो दोस्तों मेरा नाम अलीशा हे और आज मैं आप को एक ऐसी बात बताने के लिए आई हूँ जिसका राज आज से पहले सिर्फ तिन लोगों को पता था. और आज की मेरी ये संभोग कथा पढने के बाद आप को भी पता चल जाएगा इसके बारे में.  इसलिए जाहिर हे की मैंने अपना असली नाम नहीं दिया हे आप को.

मेरी शादी को अब 5 साल से ऊपर वक्त हो गया हे. और अभी तक हमें कोई संतान नहीं हुई थी. मेरे पति को चोदने का बड़ा शौक था और वो ऑलमोस्ट रोज रात को मेरे साथ सेक्स करते थे. दो साल पहले मेरे सब टेस्ट हो चुके थे और सब नार्मल था. लेकिन पति की जांच करवाई तो पता चला की उनके वीर्य में शुक्राणु यानी की बच्चा पैदा करने के जो पुरुष बिज होते हे वो आधे से भी कम थे. डोक्टर ने कहा की ऐसे में बच्चा होने की संभावना हे पर वो आधे से भी कम हे. सास और ननंद के ताने वांझ होने के. और बहार जाओ तो हर कोई जल्दी बच्चे पैदा करने का नुस्खा देता था. कोई कहता था फला बाबा का ताबीज पहनो तो कोई कहता था की वहां उस मंदिर में मन्नत मान लो. कोई कहता की दिन में चोदो, कोई कहता ग्रहण के दिन बहार ना निकलो.

सच कहूँ तो मैं उब चुकी थी और हताशा में ही थी.

हमारे घर में एक दूधवाला रोज दूध देने के लिए आता हे. उसका नाम प्रभाकर हे और वो एक भैया हे. एक दिन सुबह सुबह पति किसी काम से बहार गए थे. मेरी सास ने मौका देख के ताने मारे. मैं रो रही थी तभी दूधवाला आ गया. मैं पतीली ले के दूध लेने गई तो प्रभाकर ने मेरे आंसू देख लिए.

“क्या हुआ भौजी, कोई विपदा आई जो आप आंसू बहाने लगी?”श्याम बोला.

मैं: नहीं आप दूध दे दो भैया जी.

“अरे हमें बताओ शायद हम आप की मदद कर सके.” वो बोला.

मेरी आँखों से फिर से पानी आ गया. और मैंने रोते हुए उसे अपनी दुखियारी बात बताई. पता नहीं कब मैंने रोते हुए उसके कंधे के ऊपर ही अपना सर भी रख दिया.

तब वो बोला: बीबी जी अगर आप चाहो तो मै आप की मदद कर सकता हु बच्चे के लिए!

मैं : अब तुम कौन सी जडीबुटी बताओगे मुझे. मैं थक गई हूँ निम हकीम कर कर के.

वो बोला : कोई जडीबुटी नहीं हे पर इलाज जो हे वो सब से दमदार हे मेरे पास!

मैं उसे देखने लगी और मैंने कहा, ऐसा क्या है ?

वो बोला : शुक्राणु!

मैं चौंक पड़ी उसके मुहं से ये शब्द सुन के ?

“मतलब?”

“मतलब ये की मेरे शुक्राणु बहुत ताकत वाले हे. हमारे गाँव में मैंने दो बाँझ औरतो के साथ संभोग कर के उन्हें माँ बनाया हे.”

“मैंने कहा क्या बकवास कर रहे हो! होश में तो हो ना!”

“होश में ही हे भौजी, आप की मर्जी हे हम कोई फ़ोर्स नहीं कर रहे हे आप को. जो हमारे मन में था वो बिना मेल के बोल दिए आप को. आप की मदद करने के लिए ही तो! आप सोचना और ठीक लगे मेरी बात तो बता देना. अगर आप 2 महीने की भीतर मिठाई ना खिलाओ तो हम अर्धा सर मुंडवा लेंगे. और दूसरी बात ये हमारी मदद की बात आप के और मेरे सिवा किसी को कभी पता नहीं चलेगी!”

उसने दूध पतीली में उड़ेल दिया और वो अपनी साइकिल के ऊपर चल पड़ा.

दोस्तों मैंने पूरी रात प्रभाकर की बात के ऊपर गौर किया, कभी इधर करवट ली तो कभी उधर. सारी रात मुझे नींद आई ही नहीं. उसने बताया था की उसके गाँव में वो वांझ औरतों को बच्चा दे चूका था. सास के ताने याद आये की अगर संतान ना हुई तो हम हरीश (मेरे पति) की दूसरी शादी कर देंगे हमें वारिस चाहिए! मैंने सोचा की चंदन की सलाह लेती हूँ. वो मेरी बेस्ट फ्रेंड हे जो अभी युएसे में रहती हे. मैंने रात में ही उसे फेसबुक पर मेसेज किया. पति के खर्राटे आ रहे थे और मैं चंदन से सब खुल के बात की. उसने मुझे पूछा की तुझे ये दूधवाला कैसा लगता हे. मैंने कहा वो ठीक ही लगता हे और अनपढ़ गवार सा हे. वो बोली, फिर ठीक हे ना. उसे कह के की तू सिर्फ दो बार सेक्स करेंगी और उस टाइम पर ही तुझे बच्चा चाहिए.

चंदन ने कहा तू अपनी गायनेक से मिल ले और अपनी प्रेग्नन्सी के लिए बेस्ट सेक्स के डेज़ जान ले. और उन दिनों में ही तू प्रभाकर के साथ संभोग कर!

चंदन ने मुझे कहा की देख किसी को ज्यादा बोलना मत ये सब कुछ. मैंने कहा ठीक हे, थेंक्स.

सुबह प्रभाकर के आने से पहले से ही मैं उसका वेट कर रही थी. वो आया और उसकी आवाज देने से पहले ही मैं पतीली ले के दरवाजे पर चली गई. मैंने उस से दूध लिया. उसने मुझे देखा. और बोला, रात भर सोयी नहीं क्या आप भौजी?

मैंने कहा, नहीं, प्रभाकर. एक काम करो मुझे एक घंटे के बाद मिलने आओगे जब माँ जी मंदिर जायेंगी और भैया ऑफिस में.

प्रभाकर बोला, हां हम दूध खपा के लौटते वक्त आते हे.

सवा घंटे के बाद वो आया तब तक मेरी सास निकल चुकी थी और पति को भी प्रभाकर घर के मेन गेट पर ही मिला. पति ने पूछा तो वो बोला की दूध का पैसा लेने को बुलाया हे. वो गंवार था लेकिन समझदार भी. वो आया और दरवाजे के पास ही खड़ा रहा. मैं उसके पास गई. दोस्तों आप ये कहानी अन्तर्वासना – स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

वो बोला: बताइए भौजी क्या कहना था आप को?

मैं थोडा झिझक रही थी उस से बात करने में. मैं निचे देख के अपनी साडी को उंगलीयों से बल देने लगी. वो बोला: आप सोची उस बारे में?

मैंने हां में सर हिलाया.

वो बोला, तैयार हो आप?

मैंने फिर से सर हां में हिलाया और मेरे चहरे के ऊपर मुस्कान भी आ गई.

प्रभाकर एकदम खुश हो गया और बोली, मतलब आपो एकदम रेडी हो ना संभोग के लिए! रातभर ले लेती हो आप?

मैंने कहा अरे अरे रुको कब करना हे तो मैं बताउंगी तुम्हे, डोक्टर को पूछ के.

वो बोला, अरे हम कभी भी करेंगे बच्चा हो जाएगा.

मैंने कहा मैं कल बताती हूँ तुम्हे.

वो बोला ठीक हे.

उसी दिन शाम को मैं गायनेक से मिली. उसने मेरी ओव्यूलेशन हिस्ट्री के हिसाब से मुझे चार दिन बताये. मैंने उसे कहा की इसमें से भी दो बेस्ट दिन बताइए. उसने ऐसा ही किया. वो दिन एक हफ्ते के बाद थे.

रात में मेरे पति ऑफिस से आये तो मैंने उन्हें कहा की मुझे अगले हफ्ते मइके जाना हे दो दिन के लिए.

वो बोले ठीक हे चली जाना, कुछ फंक्शन हे क्या.?

मैंने कहा नहीं ऐसे ही बहुत दिनों से जाने को सोच रही थी.

वो बोले ठीक हे.

दुसरे दिन मोर्निंग में मैंने अपनी सास को भी बोल दिया.

सास ने थोड़े ताने मारे पर वो मान गई.

मैंने शाम को अपनी माँ को कॉल किया और उसे कहा की चंदन की एक आंटी हे जो डॉक्टर हे और वो कुछ दिन के लिए आई हुई हे. मैं मइके का बहाना कर के ससुराल से उन्हें मिलने जा रहीं हूँ. हरीश का या मम्मी जी का कॉल आये तो संभाल लेना. माँ ने कहा तेरे बाबु जी को बोल के मैं वहां आ जाऊं क्या?

मैंने कहा नहीं नहीं माँ मैं हूँ ना और वो चंदन के रिश्तेदार ही हे इसलिए कोई तकलीफ नहीं हे!

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