थ्रीसम सेक्स दो बहनो के साथ


हेलो फ्रेंडस, मै गिरीश.. ये कहानी है मेरी और कैसे मैंने एक लड़की को ट्रेन में पटा कर उसे और उसकी बहन के साथ होटल रूम में रात भर चुदाई की. पहले मैं अपने बारे में बता दू. मैं नालंदा का रहने वाला हु और आजकल बोकारो में रहता हु जॉब के कारन. हाइट ५.८ फिट,फेयर इन कोम्प्लेशन और लडकियों को मेरे बाल पसंद आते है. आई डोंट क्नोव व्हाई.. बट आई गेट कोम्प्लिमेंट्स फॉर देम.

अगर कोई लड़की, भाभी और आंटी मुझ से चुदवाने के लिए इच्छुक हो, तो मुझे कांटेक्ट जरुर करे. सो अब मैं स्टोरी पर आता हु. ये सितम्बर’ १५ की बात है. मैं बोकारो से नालंदा जा रहा था. तो टीटी को पैसे देख कर रिजर्वेशन कोच में बैठ गया. मेरे सामने २ लडकिया भी बैठी थी. उनमे से एक नाम मेहुल था और एक का अराध्या.

पहले तो मैंने उन पर कोई धयान नहीं दिया और फ़ोन पर लगा रहा था. लेकिन मथुरा पहुचने के बाद अराध्या की ट्रेन के फ़ूड वेंडर से लड़ाई हो गयी. मैंने शांत करने में हेल्प की. उसके बाद वो दोनों मुझ से बातें करने लगी. अराध्या को आगे तक जाना था. लेकिन मेहुल को नालंदा ही उतरना था. और बातो ही बातो में पता चल गया, कि उसका घर मेरे घर के थोडा ही आगे है.

तो ट्रेन से उतर कर हम दोनों एक ऑटो में ही चल दिए. ऑटो में मेहुल ने मुझसे मेरा सेल नंबर लिया. आफ्टर डेट, कुछ दिन व्हात्सप्प चैट की. हम दोनों की फ्लिर्टिंग भी शुरू हो गयी. देन हमने प्लान किया, कि बोकारो वापस साथ में चलेंगे. हम बोकारो आ गए वहां से. फिर हम रोज़ मिलने लगे, कभी लोधी गार्डन में, कभी आईपी पार्क में. वहां से धीरे – धीरे हम क्लोज आ गए. हम अब समुच कर लेते थे और मैं उसके बूब्स भी प्रेस कर के मजा लेने लगा था. एक दिन उसकी बहन ने मुझ से मिलने की बात कही. वो नालंदा से बोकारो आ गयी. हम तीनो साथ में घुमे.. हौज़खास और इंडिया गेट.. हमने इतने मजे करे.. और रात को नाईट आउट का प्लान बना लिया.. साथ में ड्रिंक का भी.

तो मैं वोडका ले आया और एक होटल में एक रूम ले लिया. थोड़ी देर बातें करने के बाद, हमने ड्रिंक स्टार्ट कर दी. मुझे और मेहुल की बहन को ड्रिंक का असर नहीं हुआ. लेकिन मेहुल थोडा – थोडा होश गवाने लगी थी. फिर हम सोने लगे. एक बेड पर मैं था और मेरे साइड में मेहुल और उसके बाद उसकी बहन. रात के 9 बजे मेहुल ने मुझे हग किया और किस करने लगी. उसने मेरा हाथ अपने ३४ साइज़ के बूब्स पर रखे और मैंने भी वो दबा दिए. उसके मुह से अह्ह्ह निकल पड़ी.

फिर उसने अपना हाथ मेरे शॉर्ट्स में डाला और मेरे खड़े हुए लंड को अपने हाथो में पकड़ लिया. मैंने भी उसकी ब्रा खोल दी और फिर मुलायम से कोमल से बूब्स को दबाने लगा. मुह में ले कर दात से निप्पल काट रहा था. उसे भी मजा आ रहा था. इसके बाद, उसने मेरा हाथ अपनी चूत पर रख दिया. चूत पूरी गीली और गरम थी. मैंने धीरे से एक ऊँगली अन्दर डाल दी और उसके मुह से अहहहः निकल गयी.

मैंने ऊँगली अन्दर – बाहर की. उसे मजा आ गया. फिर वो पीछे मुड़ गयी और मेरा लंड ले कर अपनी चूत में डालने लगी. मेरा लंड २ झटको में उसकी चूत में घुस गया. मैंने झटके देने शुरू किये. उसको भी मजा आ रहा था… आवाज़ निकाल रही थी… आहा आहाह बेड पूरा हिलने लगा था. इसके कारन से उसकी बहन कि नींद खुल गयी.

और उसने हमने ये सब करते हुए देख लिया. लेकिन हम रुक नहीं सकते थे. थोड़ी देर में मैं झड़ गया और सारा माल मैंने उसकी चूत के ऊपर छोड़ दिया. उसके बाद उसकी बहन गुस्से से हमको देख रही थी. और फिर वो बोली – क्या है ये सब. थोड़ी तो शर्म करो. तुम दोनों के बगल में मैं सोयी हु और तुम दोनों ये सब कर रहे हो? फिर मैंने कहा, सॉरी. लेकिन कण्ट्रोल नहीं हुआ.

उसने कहा, अगर तुम दोनों को ये सब करना था, तो अलग रूम बुक करना था. इतने में मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया. वो मेरे लंड को देख कर बोली, अब क्यों खड़ा हो गया है? कर तो लिया इसने सब? मैंने कहा, अभी तो एक ही बार किया है. वो मेरी तरफ देख कर बोली, कितनी बार करना है?

आई सेड, जब तक थक नहीं जाऊँगा, करता रहूँगा. शी सेड, मेरी बहन तो नाजुक है. इतना नहीं झेल पाएगी. आई सेड, तुम भी तो हो? इतना बोल कर मैं उसकी तरफ गया और उसे पकड़ कर जोर से किस कर दिया. उसने मुझे रेसिस्ट किया.. लेकिन ज्यादा देर तक नहीं कर पायी और वो भी किस करने लगी. फिर मैंने उसकी स्पेगटी और शॉर्ट्स उतार दिए. अपना लंड उसके मुह में दिया. वो मस्त उसे चूस रही थी.

मैं उसके बालो को सहला रहा था. मेहुल मुझे किस कर रही थी. इसके बाद मैंने उसकी बहन को पकड़ कर लेटा दिया और उसकी चूत में ऊँगली डाल दी. मैंने बहुत तेजी से ऊँगली अन्दर – बाहर कर रहा था. उसकी चीख ही निकल रही थी. फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रखा और एक ही धक्के में अन्दर घुसा दिया. उसके मुह से निकला, “कमीने”. मैंने भी कहा, “कुतिया”.

फिर जोर – जोर से झटके देनी लगा. उसकी सिस्कारिया निकल रही थी और इसी के साथ मैं मेहुल के बूब्स भी दबा रहा था. दोनों बहने आवाज़ निकाल रही थी. तक़रीबन २५ मिनट ऐसे ही चोदने के बाद, मैंने अब मेहुल को पकड़ा और उसे डौगी स्टाइल में किया. उसके गांड के छेद में लंड घुसने की कोशिश कर रहा था. लेकिन बहुत टाइट था. उसने मुझे अपने पर्स में से लोशन निकाल कर दिया गांड पर लगाने के लिए. मैंने लंड उसकी गांड में घुसा दिया. वो पहली बार गांड मरवा रही थी. उसे बहुत दर्द होने लगा था. उसके आंसू भी निकल रहे थे.

वो बोले जा रही थी, निकालो उसे.. बहुत दर्द हो रहा है. लेकिन मैं धक्के दिए जा रहा था. २० – २५ मिनट के बाद, मैं झड़ने वाला था. मैंने तभी अपना लंड बाहर निकाला और अपना माल उसके मुह में छोड़ दिया. उस रात दोनों बहनों को मैंने ३ बार चोदा. सुबह मेहुल लंगड़ा के चल रही थी, गांड के दर्द के कारन.. सो दिस इज माय स्टोरी. कैसी लगी आपको? अपने कमेंट जरुर भेजिएगा.

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